अमरदीप नारायण प्रसाद समस्तीपुर
समस्तीपुर, 20 जनवरी।
समस्तीपुर सदर अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. एस.के. चौधरी का मंगलवार दोपहर ड्यूटी के दौरान हृदयाघात से आकस्मिक निधन हो गया। इस दुखद घटना से पूरे स्वास्थ्य महकमे समेत जिले भर में शोक की लहर दौड़ गई है। जानकारी के अनुसार डॉ. चौधरी अपने कार्यालयीन कार्यों में व्यस्त थे, तभी अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और उन्हें सीने में तेज दर्द की शिकायत हुई।
आनन-फानन में उन्हें सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया। स्थिति गंभीर देख चिकित्सकों ने तत्काल बेहतर इलाज के लिए शहर के निजी अस्पताल मेडिकना में रेफर कर दिया, जहां उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया। सूचना मिलते ही जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक सहित जिले के कई वरीय अधिकारी मेडिकना अस्पताल पहुंच गए। चिकित्सकों की टीम लगातार उन्हें बचाने का प्रयास करती रही, लेकिन कुछ ही देर बाद उन्होंने अंतिम सांस ली।
डॉ. चौधरी के निधन की आधिकारिक पुष्टि समस्तीपुर के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी ज्ञानेंद्र शेखर ने पत्रकारों के समक्ष की। खबर फैलते ही सदर अस्पताल परिसर में सन्नाटा पसर गया। चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी और कर्मचारी स्तब्ध रह गए। कई डॉक्टरों की आंखें नम दिखीं। डॉ. चौधरी अपने सरल स्वभाव, कर्तव्यनिष्ठा और मरीजों के प्रति संवेदनशील रवैये के लिए जाने जाते थे।
बताया गया कि डॉ. चौधरी मुख्यमंत्री के प्रस्तावित कर्पूरीग्राम आगमन की तैयारियों का जायजा लेने में सक्रिय रूप से जुटे हुए थे। स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने को लेकर वे लगातार समीक्षा कर रहे थे। इसी व्यस्तता के बीच यह हृदयविदारक घटना घट गई।
उनके निधन पर केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर, समस्तीपुर की वर्तमान विधायक अश्वमेध देवी, पूर्व विधायक अख्तरुल इस्लाम शाहीन समेत कई जनप्रतिनिधियों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। नेताओं ने कहा कि डॉ. चौधरी का जाना स्वास्थ्य जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने सदर अस्पताल की व्यवस्था सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
स्थानीय चिकित्सकों का कहना है कि डॉ. चौधरी ने अपने कार्यकाल में मरीजों के हित में कई सुधारात्मक कदम उठाए। अस्पताल की सुविधाओं को बेहतर बनाने और गरीब मरीजों को त्वरित इलाज दिलाने के लिए वे हमेशा तत्पर रहते थे। उनके निधन से समस्तीपुर ने एक कुशल प्रशासक और संवेदनशील चिकित्सक खो दिया है।
शहर के सामाजिक संगठनों, चिकित्सक संघों और आम नागरिकों ने भी शोक संवेदनाएं व्यक्त की हैं। सदर अस्पताल परिसर में शोकसभा आयोजित कर उन्हें श्रद्धांजलि देने की तैयारी की जा रही है। डॉ. चौधरी की स्मृतियां समस्तीपुर के चिकित्सा जगत में लंबे समय तक जीवित रहेंगी।